Saturday, April 9, 2016

खुशियां लिखकर तार करेंगे...

जीवन को आकार करेंगे
सुंदर सपने साकार करेंगे
दुनियादारी की गलियों में
संबंधों का व्यापार करेंगे
दूर देश अपनों को अबके
खुशियां लिखकर तार करेंगे
विपदाओं के इस दरिया को
हम सब मिलकर पार करेंगे
विपरीत हवाओं के आगे
हौंसलों को पतवार करेंगे
...अमित

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