Tuesday, May 26, 2015
Monday, May 18, 2015
ऐ दफ्तर तुम कभी उदास मत रहना...
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मैं कुछ समय के लिए जा रहा हूं
ऐ मेरे दफ्तर तुम उदास मत रहना
जल्द फिर आऊंगा लौटकर
तब तक तुम निराश मत रहना
जब भी बुलाओगे वापस आ जाऊंगा
मुझे याद करना, इन अंधेरों से मत डरना
एक और जिंदगी है तुमसे जुदा भी
तुम मुझे अपने से अलग मत समझना
आधी जिंदगी गुजारना है तुम्हारे ही साथ
तुम कभी भी मुझसे नाराज मत रहना
ऐ दफ्तर तुम कभी उदास मत रहना
...अमित
Friday, May 1, 2015
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