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वापस लौटना है तुझमें ऐ बचपन...
वापस लौटना है तुझमें ऐ बचपन
फिर उस पल का इंतजार है अब
शाखों से गिरकर संभलना है बचपन
तुम्हारें सहारे का इंतजार है अब
मिट्टी से खेलकर महकना है बचपन
फिर उस बारिश का इंतजार है अब
चलाएंगे कागज की नाव ऐ बचपन
ख्वाहिशों को तैरने का इंतजार है अब
...अमित
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