कभी भूले भटके आओ भी
कुछ पल साथ बिताओ भी
व्यस्तता से समय निकालो
दिल से रिश्ते निभाओ भी
मन निर्बल हो जब रातों में
कुछ अपने दर्द दिखाओ भी
नादानी में सब खो न देना
कभी पाने में वक्त लगाओ भी
औरों को हँसना सिखलाते
कभी खुद का मन बहलाओ भी
...अमित
कुछ पल साथ बिताओ भी
व्यस्तता से समय निकालो
दिल से रिश्ते निभाओ भी
मन निर्बल हो जब रातों में
कुछ अपने दर्द दिखाओ भी
नादानी में सब खो न देना
कभी पाने में वक्त लगाओ भी
औरों को हँसना सिखलाते
कभी खुद का मन बहलाओ भी
...अमित
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