सिस्टम जीते जी मार गया क्यों
मांझी मझधार में हार गया क्यों
मांझी मझधार में हार गया क्यों
चलता कांधों पर लाश लिए
मन में पीड़ा के पाश लिए
सब मर्यादा को तार गया क्यों
मांझी मझधार में हार गया क्यों
मन में पीड़ा के पाश लिए
सब मर्यादा को तार गया क्यों
मांझी मझधार में हार गया क्यों
बेटी को क्या वो बतलाता
कैसे उसका मन बहलाता
अधिकारी फटकार गया क्यों
मांझी मझधार में हार गया क्यों
कैसे उसका मन बहलाता
अधिकारी फटकार गया क्यों
मांझी मझधार में हार गया क्यों
मज़बूरी में क्या न करता
हर पल वो घुट घुट के मरता
कम्बल में पैर पसार गया क्यों
मांझी मझधार में हार गया क्यो
हर पल वो घुट घुट के मरता
कम्बल में पैर पसार गया क्यों
मांझी मझधार में हार गया क्यो
...अमित
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