संस्कारों का गान तुम्ही हो, माँ रेवा
जन जन का अभिमान तुम्ही हो, माँ रेवा
जन जन का अभिमान तुम्ही हो, माँ रेवा
निश्छल निर्मल कल कल बहती
नित सूरज के ताप को सहती
पूजा भक्ति ध्यान तुम्ही हो, माँ रेवा…
नित सूरज के ताप को सहती
पूजा भक्ति ध्यान तुम्ही हो, माँ रेवा…
अमरकंट से हो के प्रवाहित
सारी सभ्यता खुद में समाहित
मध्य प्रदेश का मान तुम्ही हो, माँ रेवा…
सारी सभ्यता खुद में समाहित
मध्य प्रदेश का मान तुम्ही हो, माँ रेवा…
कंकर कंकर में शिव दर्शन
सौम्य स्वरूपा शांत प्रदर्शन
सरगम की हर तान तुम्ही हो, माँ रेवा…
सौम्य स्वरूपा शांत प्रदर्शन
सरगम की हर तान तुम्ही हो, माँ रेवा…
विंध्य - सतपुड़ा का है आँचल
तुझमे मिलती नदियाँ चंचल
मेकल का बखान तुम्ही हो, माँ रेवा…
तुझमे मिलती नदियाँ चंचल
मेकल का बखान तुम्ही हो, माँ रेवा…
-अमित भटोरे
खरगोन
खरगोन
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